असम विधानसभा चुनाव में 75% से अधिक मतदान कई सीटों पर रिकॉर्ड भागीदारी दर्ज

असम में विधानसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ। दोपहर 3 बजे तक लगभग 75.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो कुल 2.5 करोड़ मतदाताओं में से एक बड़ी भागीदारी को दर्शाता है। खराब मौसम और कई इलाकों में बारिश के बावजूद लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह चुनाव सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party के नेतृत्व वाले NDA के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में बने रहने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विपक्षी Indian National Congress राज्य में वापसी की उम्मीद लगाए बैठी है।
नए परिसीमन के बाद पहला विधानसभा चुनाव
यह चुनाव राज्य में 2023 में हुए परिसीमन के बाद पहली बार आयोजित किया जा रहा है, जिसने असम के चुनावी नक्शे को बदल दिया है। मतदान प्रक्रिया सुबह से ही शांतिपूर्ण तरीके से चलती रही और शाम 5 बजे तक जारी रहने की संभावना है। कई क्षेत्रों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि लोगों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार, कई मतदान केंद्रों पर व्यवस्थित प्रबंधन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हो सके।

प्रमुख क्षेत्रों और नेताओं की भागीदारी
राज्य के विभिन्न हिस्सों में मतदान प्रतिशत में अंतर देखने को मिला। कामरूप जिले के चमारिया क्षेत्र में 3 बजे तक सबसे अधिक 84.43 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि न्यू गुवाहाटी में यह आंकड़ा 60.57 प्रतिशत रहा। इस चुनाव में कई प्रमुख नेताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने अपनी पत्नी और परिवार के साथ मतदान किया, वहीं कांग्रेस नेता Gaurav Gogoi ने भी अपने परिवार के साथ वोट डाला। इसके अलावा विपक्ष के नेता Debabrata Saikia, केंद्रीय मंत्री Pabitra Margherita और अन्य प्रमुख नेताओं ने भी मतदान प्रक्रिया में भाग लिया।
विवाद, सुरक्षा और मतदान प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे
मतदान के दौरान एक वीडियो को लेकर विवाद भी सामने आया, जिसके बाद करबी आंगलोंग जिला प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि यह वीडियो एक मतदान केंद्र के अंदर रिकॉर्ड किया गया था, जो नियमों का उल्लंघन है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध है। दूसरी ओर, गायक Papon ने मतदान के बाद रिमोट वोटिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कई लोग यात्रा खर्च के कारण वोट नहीं डाल पाते। कुल मिलाकर, असम चुनाव में उच्च मतदान प्रतिशत के साथ-साथ तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में बने हुए हैं, जो इस चुनाव को और महत्वपूर्ण बना रहे हैं।
