TCS और एयरफोर्स तक पहुंचे छात्र. फिर भी रिजल्ट को लेकर भड़का गुस्सा

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी यानी IET के छात्रों ने प्लेसमेंट में शानदार प्रदर्शन कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हाल ही में आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 92 छात्रों का देश की प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन हुआ है। यह सफलता न केवल विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाली है बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा की ताकत को भी दर्शाती है। छात्रों की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
आईटी और कंप्यूटर साइंस छात्रों का दबदबा. रिकॉर्ड चयन
इस प्लेसमेंट ड्राइव में सबसे ज्यादा सफलता आईटी और कंप्यूटर साइंस के छात्रों को मिली। आंकड़ों के अनुसार आईटी के 42 और कंप्यूटर साइंस के 46 छात्रों का चयन हुआ है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स के चार छात्रों को भी अच्छे पैकेज के साथ ऑफर मिले हैं। चयनित सभी छात्रों को मई और जून में जॉइनिंग के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रदर्शन बताता है कि तकनीकी क्षेत्रों में छात्रों की पकड़ मजबूत हो रही है और भविष्य में इन क्षेत्रों में और भी बेहतर अवसर सामने आएंगे।

वैष्णवी श्रीवास्तव की खास उपलब्धि. एयरफोर्स में भी मिली जगह
इस प्लेसमेंट ड्राइव में वैष्णवी श्रीवास्तव ने खास पहचान बनाई है। उन्हें देश की बड़ी आईटी कंपनी TCS से ऑफर मिला है। इसके अलावा उन्होंने नेशनल लेवल NPTEL परीक्षा में टॉप 2 प्रतिशत में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं एक अन्य कंप्यूटर साइंस छात्र का चयन Indian Air Force में हुआ है। कई अन्य छात्र अभी SSB चयन प्रक्रिया में हैं और उनसे भी अच्छे परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है। यह दर्शाता है कि छात्रों के सामने करियर के कई विकल्प खुले हैं।
एक तरफ सफलता तो दूसरी तरफ विरोध. छात्रों का प्रदर्शन
जहां एक ओर प्लेसमेंट की सफलता ने खुशी का माहौल बनाया है वहीं दूसरी ओर परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों में नाराजगी भी देखने को मिली है। हाल ही में घोषित पहले और तीसरे सेमेस्टर के परिणामों से कई छात्र असंतुष्ट नजर आए। इसके विरोध में बड़ी संख्या में छात्र प्रशासनिक भवन पर इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं आए हैं और इसमें सुधार की जरूरत है। यह स्थिति दिखाती है कि विश्वविद्यालय में एक तरफ सफलता की कहानी लिखी जा रही है तो दूसरी तरफ कुछ चुनौतियां भी सामने हैं जिनका समाधान जरूरी है।
